उजाला बनकर आई हो, चाँदनी बनके रहना !
रखना दिल को सँभाल के मेरे, जैसे हाँथों में कंगना !
मिल के तुमसे भुला दूंगा खुदको , हो जाउगा तेरा अपना !!
उजाला बनकर आई हो , चाँदनी बनके रहना .....
साँसे बनकर आई हो, धड़कन बनके रहना !
दिल को चुरा लें, चुरा लें जो मन को , ऐसी बातें करना !
बस जाउगा में आँखों में तेरी, बन जाउगा तेरा सपना !!
उजाला बनकर आई हो , चाँदनी बनके रहना .....
आपका शिवा
१०-मार्च -२०११