दोस्तों आज मौका है .....
दोस्तों आज मौका है, इज़हार कर ही देता हूँ !
दिल की गहराइयों में छुपी, वो हर बात बयां कर ही देता हूँ !!
ना जाने कब से मचल रही हैं धड़कने, प्यास बढती जा रही है !
ऐ चाँद थोड़ी चांदनी और बिखेर, वो तस्वीर से बाहर आ रही है !!
उसके रूप का वर्णन, शब्दों में समा नहीं पायेगा !मौजूदगी में उसकी, यहाँ का हर फूल मुस्कराएगा !!
सपनों में मेरे मुझको, हर लम्हा है सताता !
ग़र टूटने से पहले, हकीकत में बदल जाता !!
उठ जागकर में बैठा, आँखों को मिलमिलाता !
सपना था या हकीकत, पर कौन ये बताता !!
दिन आज फिर से आया, वो सामने है मेरे !
कहीं दूर लेके जाऊ, कभी फिर ना हो सबेरे !!
बस देखते ही तुझको, ये मन गुनगुनाया !
कुछ और पास आई, ना खुद को रोक पाया !!
सब खोल के बिखेरा, हर राज़ अपने दिल का !
जब नींद फिर से टूटी, वो फूल थी कमल का !!
बिस्तर पे जिसको मैंने, तकिये से था दबाया !
गुस्ताख़, बनके दिलबर, सपने में मेरे आया !!
जब दास्ताँ ये मैंने, किसी और को सुनाई !
कहीं दूर से किसी ने, आवाज़ ये लगाई !!
तू नादान है रे पगले, क्यों ख़्वाब देखता है !
जब सच्ची है मोह्हबत, क्यों मौका दुन्द्ता हैं !!
इज़हार जाके कर दे, इस बार है हकीकत !
पछतायेगा नहीं तो, आगे है तेरी किस्मत !!
क्यों इतना सोचता है, कुदरत का ये तोहफा है !
मिल जाएगी वह तुझको, ये आखिरी मौका है !!
हिम्मत कहीं से आई, जुबां ना लड़खड़ाई !
कुछ दूर से वो चलके, मेरे करीब आई !!
मेरा नसीब, उसने मुझको गले लगाया !
हर ख़्वाब मेरा सच था, उसने मुझे जताया !!
मेरी जिंदगी का हर दिन, तुझपे हो आके पूरा !
तेरा साथ है तो सच्चा, हर दिन नया सवेरा !!!!!!!!!!!!!!!!!
आपका शिवा
३०-जून-२०११
classic hai ji... i dont have words to expresshow good ur poem is.. by the way.. who is inspiration
ReplyDeleteThank you so much bhai.. inspiration, hahaha,, main bhi yahi janne ki koshish kar raha hun..:)
ReplyDeleteWaah bhai Shaandar...
ReplyDeleteBahut2 dhanyabaad bhai
ReplyDeleteWow Sir... what a great composition with great selection of words... maaza aa gaya pad kar.. ek dam super.. (Y)
ReplyDeleteThanks Piyush!!
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