Dedicated to all dear Readers,
उम्र का पड़ाव कब ठहर जाये, कोई जान ना पाया है !
जीवन के दिन गिनना, जीवन देने वालों ने सिखलाया है !
नष्ट ना करो इसे व्यर्थ मैं, इन पंक्तियों मैं यही समझाया है !
बीते हुए पलों को, चाहकर भी ना कोई वापिस पाया है !
जीलो हर लम्हा मुस्करा कर, बाकि सब तो सांसारिक माया है !!
आपका शिवा
२७/३/२०१०
Saturday, March 27, 2010
Wednesday, March 24, 2010
दिल की चाह
नहीं चाहिए ज़माने की दौलत ,
ना ही महलो की छाया !
अपनों का प्यार याहे बरक़रार,
मेरे दिल को बस यही है भाया !!
आपका शिवा
ना ही महलो की छाया !
अपनों का प्यार याहे बरक़रार,
मेरे दिल को बस यही है भाया !!
आपका शिवा
सुन्दरता !!!
तेरी सुन्दरता जैसे ताजमहल, तेरी नाजुकता जैसे शीशमहल !
तेरी कोमलता जैसे फूल कमल, तेरी मुस्कान जैसे कल-कल कल-कल !!
तेरी ज़ुल्फ़ फिजा मैं बहार, तेरी नज़र तीरे तलवार !
तेरी खनक पायल की झंकार, तू दुआ कर दे तो बेडा पार !!
ओ जाने-जाना न समझो दीवाना, नाम है शिवा आशिक मस्ताना !!
मुझको जो ठुकराएगी, तू बहुत पछताएगी !
याद रखना तो दूर भूल ही न पायेगी !
तो राम करे ऐसा हो जाये, तू coke मैं bottle और वो ढक्कन हो जाये !!
आपका शिवा
१४/१२/२००२
तेरी कोमलता जैसे फूल कमल, तेरी मुस्कान जैसे कल-कल कल-कल !!
तेरी ज़ुल्फ़ फिजा मैं बहार, तेरी नज़र तीरे तलवार !
तेरी खनक पायल की झंकार, तू दुआ कर दे तो बेडा पार !!
तेरा शरमाना चाँद का चुप जाना, तेरा रूठना फूल मुरझाना !
तेरा हँसना दिल बहलाना, तेरी hobby मुझको रुलाना !ओ जाने-जाना न समझो दीवाना, नाम है शिवा आशिक मस्ताना !!
मुझको जो ठुकराएगी, तू बहुत पछताएगी !
याद रखना तो दूर भूल ही न पायेगी !
तो राम करे ऐसा हो जाये, तू coke मैं bottle और वो ढक्कन हो जाये !!
आपका शिवा
१४/१२/२००२
The Theme of Successful Life
शुरुआत हुई है जीवन की, मानव तन मैं प्राण बनकर !
नष्ट न होने दूंगा धडकनों को , केवल ह्रदय की चाह बनकर !
फ़र्ज़ निभाना है उस दूध का, जो रगों मैं बह रहा है खून बनकर !
जीवन की सच्चाई को समझुगा, स्वयं एक सच्चाई बनकर !
अपने हर कर्तव्य का पालन करूँ, कर्त्व्यनिष्ट बनकर !
भटके हुए को मार्ग दिखाऊ, सच्चा मार्गदर्शक बनकर !
हे ईश्वर ब्रम्हांड रचेता, रूप दिखा दे दयालु बनकर !
तन-मन मेरा विस्मय होगा, महकेगा गुलजार ये बनकर !!
आपका शिवा
२१/०१/२००६
नष्ट न होने दूंगा धडकनों को , केवल ह्रदय की चाह बनकर !
फ़र्ज़ निभाना है उस दूध का, जो रगों मैं बह रहा है खून बनकर !
जीवन की सच्चाई को समझुगा, स्वयं एक सच्चाई बनकर !
अपने हर कर्तव्य का पालन करूँ, कर्त्व्यनिष्ट बनकर !
भटके हुए को मार्ग दिखाऊ, सच्चा मार्गदर्शक बनकर !
हे ईश्वर ब्रम्हांड रचेता, रूप दिखा दे दयालु बनकर !
तन-मन मेरा विस्मय होगा, महकेगा गुलजार ये बनकर !!
आपका शिवा
२१/०१/२००६
Hey maa !!! Mothers day special
Dedicated to my MOM!!
हे माँ चरण चूमकर वंदना करूँ तुम्हारी,
मेरी हर सांस जो कि अमानत है तुम्हारी !
हर धड़कन तुझे समर्पित है- तू है प्राणों से प्यारी,
तेरे मातृत्व मैं जीवन गुजर जाये, यही चाहत है हमारी !!
आपका शिवा
हे माँ चरण चूमकर वंदना करूँ तुम्हारी,
मेरी हर सांस जो कि अमानत है तुम्हारी !
हर धड़कन तुझे समर्पित है- तू है प्राणों से प्यारी,
तेरे मातृत्व मैं जीवन गुजर जाये, यही चाहत है हमारी !!
आपका शिवा
Tuesday, March 23, 2010
On the winning occasion (SARPANCH)
Dedicated to my uncle (Omkar Singh Thakur):-
इरादों मैं जान और हौसले बुलंद हैं अगर ,
तेरी पहुच है आसमा - दिखा दे तू अपना हुनर !
जीत ले हर उस दिल को - जो है तुझसे बेखबर,
नेकी कर दामन थम सच्चाई का- नहीं ये मौका उम्र भर !!
आपका शिवा
फेब्रुअरी २०१०
इरादों मैं जान और हौसले बुलंद हैं अगर ,
तेरी पहुच है आसमा - दिखा दे तू अपना हुनर !
जीत ले हर उस दिल को - जो है तुझसे बेखबर,
नेकी कर दामन थम सच्चाई का- नहीं ये मौका उम्र भर !!
आपका शिवा
फेब्रुअरी २०१०
Uddesya
Dear Readers,
I am writing my thoughts which comes in a form of some special lines from heart. I hope you'll like this.
Truly urs,
SHIVA
I am writing my thoughts which comes in a form of some special lines from heart. I hope you'll like this.
Truly urs,
SHIVA
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