Wednesday, March 24, 2010

The Theme of Successful Life

शुरुआत हुई है जीवन की, मानव तन मैं प्राण बनकर !
नष्ट न होने दूंगा धडकनों को , केवल ह्रदय की चाह बनकर !
फ़र्ज़ निभाना है उस दूध का, जो रगों मैं बह रहा है खून बनकर !
जीवन की सच्चाई को समझुगा, स्वयं एक सच्चाई बनकर !
अपने हर कर्तव्य का पालन करूँ, कर्त्व्यनिष्ट बनकर !
भटके हुए को मार्ग दिखाऊ, सच्चा मार्गदर्शक बनकर !
हे ईश्वर ब्रम्हांड रचेता, रूप दिखा दे दयालु बनकर !
तन-मन मेरा विस्मय होगा, महकेगा गुलजार ये बनकर !!

आपका शिवा
२१/०१/२००६

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Aapka Shiva

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