Tuesday, May 24, 2011

पिता

पिता को समर्पित :-
 

अनेक अवसरों पर "माँ" के लिए मनोभावों को  "मेरी पंक्तियाँ"  में व्यक्त किया| आज संकोच छोड़कर, भावनाओ को सशक्त कर कुछ शब्द  "पिता"  के लिए समर्पित करता हूँ ..









 सिर पर हाँथ पिता का होता है, तो बलवान बड़ा मन होता है !
निश्चिन्त, फ़िक्र का नाम नहीं, हर पल यही आलम होता है !!

हर सोच मैं उनकी हम ही हैं, संतान ही सब कुछ होता है !
हासिल हो ज़माने की खुशियाँ, निस्वार्थ मनोरथ होता है !!

कटुता भी अगर मुह में है तो, वह दिल बड़ा निर्मल होता है !
हर मार में उनकी, शिक्षा है, सच्चा अपनापन होता है !!

ऊँगली को पकड़ चलना सीखा, संस्कार विरासत में पाये !
सच्चा, समर्थ,  शिक्षित बनकर, हर दिशा में परचम लहराए !!  

परमेश्वर से, पहले तुम हो , अस्तित्व का तुम ही हो आधार !
आत्मा की अमर चेतना से, करता हूँ नमन में बारम्बार !!

आपका शिवा
२४ - मई - २०११
 

Saturday, May 14, 2011

Mother's Day 2011



                          
                              || माँ ||

भाषा की शुरुआत , मुख से निकला पहला शब्द ,
हर दिल में सबसे गहरा जाके बसता है !
यह वही जन्मदात्री , जननी , माता है हमारी , 
जिसके मातृत्व मे जीवन हमारा सँवरता है ! 

जनम से मर्त्यु तक सबसे प्यारा यही शब्द होता है ,
जो हर किसी के मुख से भावना बनकर प्रकट होता है !
जीवन दायिनी को सर्वस्व समर्पित है , हे माँ तुझे प्रणाम करता हूँ ,
Mother's day के बहाने ही  सही, यह चार पंक्तिया "माँ " के नाम करता हूँ !!

आपका शिवा
१४- मई - २०११

Sunday, April 3, 2011

CRICKET WORLD CUP 2011

















कुछ पलों के लिए धड़कने जैसे थम गयी,
जीत की आस विकेटों के साथ ढह गयी !
फिर सिलसिला शुरू हुआ प्राथनाओं और मन्त्रों का,
आशाओं और विश्वास के साथ गंभीर के संभलने का !
धोनी ने भी खूब दिखाया अपना दम,
मारा छक्का और जीत गए हम !
सचिन तो पहले ही क्रिकेट के हैं भगवान् ,
युवराज ने आखिर पा ही लिया अपना मुकाम !
और आखिर हासिल किया हमने अपना सपना ,
Finally-finally WORLD CUP 2011 हुआ अपना !!! 
Many Thanks Team INDIA!!!!!! :-)

Friday, March 11, 2011

उजाला बनकर आई हो ...

उजाला बनकर आई हो, चाँदनी बनके रहना !
रखना दिल को सँभाल के मेरे,   जैसे हाँथों में कंगना !
मिल के तुमसे भुला दूंगा खुदको , हो जाउगा तेरा अपना !!

उजाला बनकर आई हो , चाँदनी बनके रहना .....
साँसे बनकर आई हो, धड़कन बनके रहना !
दिल को चुरा लें,  चुरा लें जो मन को , ऐसी बातें करना !
बस जाउगा में आँखों में तेरी, बन जाउगा तेरा सपना !!

  उजाला बनकर आई हो , चाँदनी बनके रहना .....  

आपका शिवा
१०-मार्च -२०११

Wednesday, October 27, 2010

कौन बनेगा करोड़पति !!!

KBC वाह  क्या  खेल  बनाया  है ,  जो  जन्मा नहीं  धनवान  उसे  भी करोड़पति बनाया  है !
हमारे  सहारे  के  लिए , इसे  लाईफ लाइन  से  सजाया  है !!
रही  किस्मत  तो  हॉट सीट  पर   पहुच  जाओगे , बहुतों  ने  इसे  आजमाया  है !
हारने  को  तो  कुछ  है  नहीं, जीते  तो  जीते  नहीं  तो  सब  सांसारिक  माया  है !!!!

आपका  शिवा

Sunday, May 9, 2010

माँ तुझे प्रणाम !!!!

माँ को समर्पित :-

माँ के  प्यार  में  वो  अहसास  होता  है,
कि हर लम्हा  उसकी  गोद  मे ख़ास  होता  है!
किसी  भी  दर्द  कि  कराह  माँ  की  याद  दिलाती  है,
हाँथ  हो  सिर पर  तो  हर  मुश्किल  आंसा नज़र  आती  है!
नहीं  सोने  देती  भूखे, हर  लम्हा  उसे  चिंता  सताती  है,
हे  जीवनदायिनी, अस्तित्व  है  तुझसे, तू  जननी  हमारी है !!

आपका शिवा
०९- मई-२०१०

Saturday, March 27, 2010

Life Vs Age

Dedicated to all dear Readers,

उम्र का पड़ाव कब ठहर जाये, कोई जान ना पाया है !
जीवन के दिन गिनना, जीवन देने वालों ने सिखलाया है !
नष्ट ना करो इसे व्यर्थ मैं, इन पंक्तियों मैं यही समझाया है !
बीते हुए पलों को, चाहकर भी ना कोई वापिस पाया है !
जीलो हर लम्हा मुस्करा कर, बाकि सब तो सांसारिक माया है !!

आपका शिवा
२७/३/२०१०

Wednesday, March 24, 2010

दिल की चाह

नहीं चाहिए ज़माने की दौलत ,
                  ना ही महलो की छाया !
अपनों का प्यार याहे बरक़रार,
                  मेरे दिल को बस यही है भाया !!

आपका शिवा 

सुन्दरता !!!

तेरी सुन्दरता जैसे ताजमहल, तेरी नाजुकता जैसे शीशमहल !
तेरी कोमलता जैसे फूल कमल, तेरी मुस्कान जैसे कल-कल कल-कल !!

तेरी ज़ुल्फ़ फिजा मैं बहार, तेरी नज़र तीरे तलवार !
तेरी खनक पायल की  झंकार, तू दुआ कर दे तो बेडा पार !!

तेरा शरमाना चाँद का चुप जाना, तेरा रूठना फूल मुरझाना !
तेरा हँसना दिल बहलाना, तेरी hobby मुझको रुलाना !
ओ जाने-जाना न समझो दीवाना, नाम है शिवा आशिक मस्ताना !!

मुझको जो ठुकराएगी, तू बहुत पछताएगी !
याद रखना तो दूर भूल ही न पायेगी !
तो राम करे ऐसा हो जाये, तू coke मैं bottle और वो ढक्कन हो जाये !!

आपका शिवा
१४/१२/२००२

The Theme of Successful Life

शुरुआत हुई है जीवन की, मानव तन मैं प्राण बनकर !
नष्ट न होने दूंगा धडकनों को , केवल ह्रदय की चाह बनकर !
फ़र्ज़ निभाना है उस दूध का, जो रगों मैं बह रहा है खून बनकर !
जीवन की सच्चाई को समझुगा, स्वयं एक सच्चाई बनकर !
अपने हर कर्तव्य का पालन करूँ, कर्त्व्यनिष्ट बनकर !
भटके हुए को मार्ग दिखाऊ, सच्चा मार्गदर्शक बनकर !
हे ईश्वर ब्रम्हांड रचेता, रूप दिखा दे दयालु बनकर !
तन-मन मेरा विस्मय होगा, महकेगा गुलजार ये बनकर !!

आपका शिवा
२१/०१/२००६

Hey maa !!! Mothers day special

Dedicated to my MOM!!

हे माँ चरण चूमकर वंदना करूँ तुम्हारी,
                        मेरी हर सांस जो  कि अमानत है तुम्हारी !
हर धड़कन तुझे समर्पित है-  तू है प्राणों से प्यारी,
                        तेरे मातृत्व मैं जीवन गुजर जाये, यही चाहत है हमारी !!
आपका शिवा

Tuesday, March 23, 2010

On the winning occasion (SARPANCH)

Dedicated to my uncle (Omkar Singh Thakur):-

इरादों मैं जान और हौसले बुलंद हैं अगर ,
                                 तेरी पहुच है आसमा - दिखा दे तू अपना हुनर !
जीत ले हर उस दिल को - जो है तुझसे बेखबर,
                                 नेकी कर दामन थम सच्चाई का- नहीं ये मौका उम्र भर !!

आपका शिवा
फेब्रुअरी २०१०

Uddesya

Dear Readers,

I am writing my thoughts which comes in a form of some special lines from heart. I hope you'll like this.


Truly urs,
SHIVA

Aapka Shiva

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Mumbai, Maharashtra, India